kya kahun

Agar Tujhe Khwab Kahun Toh Tootne Ka Dar Hai,
Dil Kahun Toh Deewana Hone Ka Dar Hai.
Sochta Hoon Tera Naam Zindagi Rakh Doon,
Mout Aane Se Pehale Tera Saath Chutne Ka Dar Toh Na Hoga.
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 अगर तुझे ख्वाब कहूँ तो टूटने का डर है,
दिल कहूँ तो दीवाना होने का डर है।
सोचता हूँ तेरा नाम ज़िन्दगी रख दूं, 
मौत आने से पहले तेरा साथ छूटने का डर तो ना होगा 
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Dhundhli

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धुंधली सी है वो बदली ,
जिसका रंग नहीं दिखता,
और आज,
सूरज चरम पर है, तेज,ज्वलंत सा है,
फिर भी लाल रंग नहीं छोडता १
ये तो दम है लडने का
वरना
सफ़ेद गुलाबों के टहनियों पर भी,
आज बुरांश नहीं खिलता १
धुंधली सी है वो बदली ,
जिसका रंग नहीं दिखता

By- Deep Negi,
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म्यरु टिहरी

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चहल-पहल कु दौर थै,
इन्तज़ार कखी हौर थै,
कुछ भागिरथी किनारा थैन हन्सणा,
कखि माछों पर जाला थैन फंसणा १

गाडियों कु घुन्घयोट,
कलेन्डरु कु सुस्योट,
समोसों थै चरबरी मर्च,
सभी कन थैन लग्य़ां खर्च १

यु शहर ही यनि छः भायों,
बहुत बत मैं भि थौ जायों,
आहा!! उन्डु यख-फन्डू वख,
खुजाण कख-कख थै टक १

छ्वरों कु छ्वरोट,
टोला छ्न बण्या,
छवरियों कु गुमडोट,
बुढ्या सिन्गोरियों पर झुक्यां १

हिन्दु छ्न,मुस्लिम भि छन भैज्यों,
सरदार कु बोल कि तुस्सी,
यख मैं भि छों आयों,
हां यनित थै यख,
मेल-मिलाप भारी थै,
अरे कैकि जात,कैकु धर्म
भातम छ्वटी स्याकि गारि थै १

अरे मीत पागल,सुपिणा छों दिखणु,
बात बहुत पुराणी छ:,खुजाण क्यों लिखणु,
आज,आज कुछ: भी त नी छ,
ना गाडी,ना टोला ना टोली,
काट्युं घास दुबारा भि नि सकी मौलि १

खिचडा कु दिन छ: 
पर कख जाण,
रसाणं माछों का साग कि,
भुज्जी मा कम थै ल्वाण,
खुजाण कैकि दान दयणा कि स्याणी थै,
हां डुबीगे म्यरु टिहरी सदानि तै,
सदानि तै,सदानि तै,सदानि तै,

ना रो अभागी मास्त १
By- "Deepp Negi"
 
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Main Buraansh Hoon

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मैं बुराश छों,विश्वास कु

मैं खिलदु,मुस्कुरांदु बुरांश छों,
झुरांया,मन तै साहस दयण वालि बाच छों,
दुख माणीक,हारीक जु बोगा छ्न बैठ्या,
ऊन्तै मै एक ओण वाली आश छों,
मैं लाल्टु छों,लाल सुरज भी छ,
ओन्दि अर जान्दी बत जु लाल छः,
ऊन्चा ओखा पाखों पर धोंण खडी करीक,
खुटी म्यरी भ्वां माटा मा धरी छ:,
ध्यान सि अलै करा,
मैं सबुकि काख छों,
हां मैं लाल खिलदु बुरांश छों,

जनि जैन बोलि मैं वनि छों,
पंखुडी खा,या रस बणैक प्या,
या सजैदया कै बांद का केशु मति
नि लिजैला, क्वि बात नि,
खुशबु फ़ैलैक सुखी जौलु,भ्वां पड जौलु,
अपडी मां माटा का खोंगला मा मरि जौलु,
बणलु एक नयु कुटुंब लालु कु,
सुपिनो कु,आश कु विश्वास कु,
खिलदा मुस्कुरांदा बुरांशु कु 1

@Deep Negi 'Surya Ast Pahad Mast' pustak Se.

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Hasratein

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हसरतें
सभी कि
कुछ चुप सी तो
कुछ आवेश में
भडक रही होती हैं १

सच्ची वाली
साफ़-साफ़
बस पूरी
हो रही होती हैं
क्यों है
जल्दी
बार-बार
बस इन्तज़ार,
इरादे तेरे ही तो हैं
और ये हसरतें भी १
है ना १

द्वारा - दीप नेगी 
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