Laut Aayeinge-लौट आएंगे

Ehsas Bahut Hoga, Jab Chhor Kar Jayeinge.
Royenge Bahut Magar Aansu Nahi Aayenge.
Jab Sath Koi Na De, Toh Aawaz Hamein Dena.
Aasman par Honge, Toh Bhi Laut Aayeinge.
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एहसास बहुत होगा, जब छोड़ कर जायेंगे। 
रोयेंगे बहुत मगर आंसू नहीं आएंगे।
जब साथ कोई न दे, तो आवाज़ हमें देना।
आसमां पर होंगे, तो भी लौट आएंगे।
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Bhagwan Kaisa Hota Hai ??

भगवान कैसा होता है?
केदारनाथ को जाती हुई
एक बस में
कुछ भक्तजन
चर्चा कर रहे थे
... कि भगवान कैसा होता है?
कोई कह रहा था
कि ऐसा होता है
दूसरा बोला नहीं नहीं
वैसा होता है
बहस चलती रही
कोई भी नहीं माना कि भगवान कैसा होता है?
तभी अचानक आसमान से
विपदाओं का पहाड़ गिरा
सभी चीखने चिल्लाने लगे
उसी भगवान को पुकारने लगे
जिसके बारे में बात कर रहे थे कि भगवान कैसा होता है?
तब एक फौजी वहां आया
उन्हें गोद में उठाकर
वहां से बचा कर
बाहर ले आया
एक छोटी सी बच्ची बोली मां मां मैं बताऊँ
भगवान कैसा होता है
देखने लगे सभी उसे
वो फौजी की तरफ
अंगुली करके बोली
भगवान ऐसा होता है !!!

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kya kahun

Agar Tujhe Khwab Kahun Toh Tootne Ka Dar Hai,
Dil Kahun Toh Deewana Hone Ka Dar Hai.
Sochta Hoon Tera Naam Zindagi Rakh Doon,
Mout Aane Se Pehale Tera Saath Chutne Ka Dar Toh Na Hoga.
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 अगर तुझे ख्वाब कहूँ तो टूटने का डर है,
दिल कहूँ तो दीवाना होने का डर है।
सोचता हूँ तेरा नाम ज़िन्दगी रख दूं, 
मौत आने से पहले तेरा साथ छूटने का डर तो ना होगा 
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Dhundhli

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धुंधली सी है वो बदली ,
जिसका रंग नहीं दिखता,
और आज,
सूरज चरम पर है, तेज,ज्वलंत सा है,
फिर भी लाल रंग नहीं छोडता १
ये तो दम है लडने का
वरना
सफ़ेद गुलाबों के टहनियों पर भी,
आज बुरांश नहीं खिलता १
धुंधली सी है वो बदली ,
जिसका रंग नहीं दिखता

By- Deep Negi,
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म्यरु टिहरी

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चहल-पहल कु दौर थै,
इन्तज़ार कखी हौर थै,
कुछ भागिरथी किनारा थैन हन्सणा,
कखि माछों पर जाला थैन फंसणा १

गाडियों कु घुन्घयोट,
कलेन्डरु कु सुस्योट,
समोसों थै चरबरी मर्च,
सभी कन थैन लग्य़ां खर्च १

यु शहर ही यनि छः भायों,
बहुत बत मैं भि थौ जायों,
आहा!! उन्डु यख-फन्डू वख,
खुजाण कख-कख थै टक १

छ्वरों कु छ्वरोट,
टोला छ्न बण्या,
छवरियों कु गुमडोट,
बुढ्या सिन्गोरियों पर झुक्यां १

हिन्दु छ्न,मुस्लिम भि छन भैज्यों,
सरदार कु बोल कि तुस्सी,
यख मैं भि छों आयों,
हां यनित थै यख,
मेल-मिलाप भारी थै,
अरे कैकि जात,कैकु धर्म
भातम छ्वटी स्याकि गारि थै १

अरे मीत पागल,सुपिणा छों दिखणु,
बात बहुत पुराणी छ:,खुजाण क्यों लिखणु,
आज,आज कुछ: भी त नी छ,
ना गाडी,ना टोला ना टोली,
काट्युं घास दुबारा भि नि सकी मौलि १

खिचडा कु दिन छ: 
पर कख जाण,
रसाणं माछों का साग कि,
भुज्जी मा कम थै ल्वाण,
खुजाण कैकि दान दयणा कि स्याणी थै,
हां डुबीगे म्यरु टिहरी सदानि तै,
सदानि तै,सदानि तै,सदानि तै,

ना रो अभागी मास्त १
By- "Deepp Negi"
 
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